ENQUIRY FORM

    Location

    ASG Hair Transplant Jalandhar – Hair Loss, Hair Fall & PRP Treatment in Jalandhar | Best Hair Transplant in Jalandhar

    422-A, Cool Road, Mota Singh Nagar, Jalandhar, Punjab 144001

    Phone: +91 9915123505

    Understanding the hair growth cycle

    हेयर ट्रांसप्लांट के बारे में 5 आम मिथक और उनकी सच्चाई क्या है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

    ज्यादातर हवा में प्रदूषण और सही खान पान न होने की वजह से लोगों को बालों से जुड़ी कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसमें बालों का झड़ना एक आम समस्या होती है। दरअसल, बालों का पतला होना, गंजापन या फिर हेयर लाइन का पीछे हटना जैसी समस्या किसी भी वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकती है। इससे न केवल एक व्यक्ति को काफी परेशानी होती है, बल्कि इसकी वजह से लोगों में आत्मविश्वास की कमी काफी ज्यादा हो जाती है। एक व्यक्ति के बाल उसकी सुंदरता के साथ-साथ उसकी पर्सनैलिटी और आत्मसम्मान के साथ भी जुड़े हुए होते हैं, इसलिए बालों का सेहतमंद होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। झड़ते बालों की समस्या को दूर करने के लिए जब कोई भी घरेलू उपाय, दवा या फिर थेरेपी काम नहीं आती है, तो लोग उस दौरान हेयर ट्रांसप्लांट के बारे में सोचते हैं। दरअसल, हेयर ट्रांसप्लांट एक मेडिकल प्रक्रिया है, जिस में शरीर के कई हिस्सों से स्वस्थ बालों की जड़ों को निकालकर गंजे एरिया में लगाया जाता है। पर, आज भी हेयर ट्रांसप्लांट को लेकर कई लोगों के मन में कई प्रकार के मिथक फैले हुए हैं, जिसमें ट्रांसप्लांट किये गए बाल नकली, हेयर ट्रांसप्लांट केवल पुरुषों के लिए और इसमें काफी खून निकलता है, जैसे मिथक शामिल हैं। इन्ही कारणों की वजह से ज्यादातर लोग हेयर ट्रांसप्लांट नहीं करवाते हैं। इस तरह की बातों पर विश्वास करने से पहले आपको एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इन मिथकों की सच्चाई के बारे में जानते हैं। 

    See also  एक्सपर्ट से जानें, क्या मेथी हेयर मास्क बालों का झड़ना कम कर सकता है?

    मिथ 1. ट्रांसप्लांट किए गए बाल ज्यादातर नकली या फिर बनावटी लगते हैं।

    सच्चाई: दरअसल, यह लोगों में प्रचलित सबसे बड़ा और आम भ्रम है, कि मरीज के ट्रांसप्लांट किए गए बाल ज्यादातर नकली या फिर बनावटी नज़र आते हैं। परन्तु, ऐसा कुछ भी नहीं है। ऐसे में, बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है, कि हेयर ट्रांसप्लांट के बाद बाल विग या फिर आर्टिफिशियल जैसे नज़र आते हैं। पर, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि जब कोई अनुभवी और सर्टिफाइड सर्जन हेयर ट्रांसप्लांट करता है, तो इस दौरान मरीज के बाल बिल्कुल प्राकृतिक नज़र आते हैं। दरअसल, अगर सही एंगल, डेंसिटी और हेयर लाइन डिजाइन के साथ बालों को लगाया जाये, तो हेयर एक्सटेंशन बिल्कुल असली बालों की तरह बढ़ते हैं। 

    मिथ 2. इस प्रक्रिया में किसी और के बाल भी ट्रांसप्लांट किए जा सकते हैं।

    सच्चाई: यह पूरी तरीके से एक मिथक है, क्योंकि हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान सिर्फ उसी व्यक्ति के बाल इस्तेमाल किये जाते हैं, जो व्यक्ति खुद इस प्रक्रिया में शामिल होता है। आपको बता दें, कि इस दौरान किसी दूसरे व्यक्ति के बाल ट्रांसप्लांट करना शरीर मंजूरी नहीं देता है और वह रिजेक्ट हो जाते हैं। इस दौरान, व्यक्ति के शरीर के कई हिस्सों से बालों को लिया जाता है, जिसमें सिर का पिछला हिस्सा, दाढ़ी, छाती और हाथ-पैर शामिल होते हैं। पर, ध्यान रहे इस दौरान सभी बाल उसी व्यक्ति के होना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

    See also  डॉक्टर सचिन गोयल ने बताया कैसे किया जाता है आइब्रो हेयर ट्रांसप्लांट ?

    मिथ 3. हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान मरीज का काफी खून निकलता है। 

    सच्चाई: आज के समय में एफयूई जैसी कुशल तकनीकों के इस्तेमाल से मरीज को काफी कम ब्लीडिंग का सामना करना पड़ता है। इस दौरान सिर्फ डोनर एरिया से बाल निकालते वक्त हल्का खून बहता है, जो इस प्रक्रिया के दौरान काफी आम होता है। इसके अलावा, इस सर्जरी के बाद मरीज उसी दिन घर जा सकता है। 

    मिथ 4. हेयर ट्रांसप्लांट की वजह से कैंसर जैसी समस्या हो सकती है।

    सच्चाई: हेयर ट्रांसप्लांट से किसी प्रकार का कैंसर होता है, ये बात पूरी तरह से एक मिथक है। क्योंकि, हेयर ट्रांसप्लांट और कैंसर के बीच किसी भी तरह का कोई भी संबंध नहीं है, जिससे कि यह सिद्ध हो सके कि इस सर्जरी से कैंसर जैसी समस्या होती है। हेयर ट्रांसप्लांट तो एक सुरक्षित सर्जरी है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को किसी भी तरह की कोई गंभीर बीमारी नहीं होती है। दरअसल, सर्टिफाइड क्लीनिक से करवाई जाने वाली हेयर ट्रांसप्लांट की सर्जरी पूरी तरीके से सुरक्षित मानी जाती है। 

    मिथ 5. हेयर ट्रांसप्लांट केवल पुरुषों के लिए ही होता है। 

    सच्चाई: यह केवल एक मिथक है। जिस पर हम में से ज्यादातर लोग विश्वास कर लेते हैं, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। हेयर ट्रांसप्लांट न केवल पुरुष, बल्कि महिलाएं भी करवा सकती हैं। यह दोनों के लिए ही महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि, न केवल पुरुषों में, बल्कि महिलाओं को भी बाल पतले होने, पैची हेयर लॉस, ट्रैक्शन एलोपेसिया और हार्मोनल हेयर लॉस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए, महिलाएं भी हेयर ट्रांसप्लांट के योग्य होती हैं। 

    See also  महिलाओं में अगर है गंजेपन की समस्या - तो जानिए क्या है इसके कारण और घरेलू उपाय ?

    निष्कर्ष: हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में, व्यक्ति के शरीर के किसी भी हिस्से से स्वस्थ बालों की जड़ों को निकालकर गंजेपन या फिर पतले हिस्सों में लगाया जाता है। पर, इससे जुड़े कई मिथ लोगों को विचलित कर देते हैं, जिसके बारे में इस लेख में बताया गया है। इन पर, लोग आँख मूंदकर विश्वास कर लेते हैं और मन ही मन में कुछ न कुछ सोचते रहते हैं। ऐसे में कई लोग इस प्रक्रिया से दूर भागते रहते हैं और अपनी समस्या को और भी ज्यादा गंभीर कर लेते हैं। इसलिए, अधूरी जानकारी के किसी भी बात पर विश्वास करना आपको अपने रस्ते से अलग कर सकता है। इसलिए, हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़ी किसी भी मिथ पर विश्वास करने से पहले आप एक बार खुद इसके बारे में अपने डॉक्टर से पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें। उम्मीद है, कि इस आर्टिकल से आपको हेयर ट्रांसप्लांट और उससे जुड़े मिथकों और सच के बारे में सही जानकारी मिली होगी। अगर इसके बारे में, आपके मन में किसी भी तरह का कोई भी सवाल आए, तो आप एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और हेयर ट्रांसप्लांट जुड़ी किसी भी बात का समाधान पाने और इस सर्जरी करवाने के लिए आप आज ही ए एस जी हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर के विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।