चेहरे पर मुंहासों की समस्या होना बेहद आम है, पर इसको हल्के में लेना उतना ही ज्यादा हानिकारक भी साबित हो सकता है। क्योंकि, इसके कारण व्यक्ति की वास्तविक छवि खराब हो सकती है और उसका आत्मविश्वास थोड़ा सा डगमगा सकता है। इसलिए, चेहरे पर होने वाली समस्या पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि मुंहासों की समस्या को अक्सर लोग किशोरावस्था की त्वचा से जुड़ी एक समस्या से जोड़कर देखते हैं। पर, बढ़ती उम्र के साथ जैसे 25 या फिर 30 की उम्र के बाद भी इनका होना लोगों को सोचने पर मजबूर कर देता है। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि बड़ों और टीन्स के एक्ने देखने में एक जैसे लग सकते हैं, पर इन के पीछे कई अलग अलग कारण शामिल हो सकते हैं। इसलिए, किसी भी मुद्दे पर पहुंचने से पहले बड़ों और टीनएज के मुंहासों के बीच के अंतर को समझना बेहद महत्वपूर्ण होता है, ताकि इनकी समय पर पहचान करते इनका अच्छे से इलाज किया जा सके।
ऐसे में, कई लोगों के मन में सवाल उठता है, कि क्या वाकई वयस्कों में होने वाले मुंहासे टीनएज में होने वाले मुंहासों से अलग होते हैं? दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, की हाँ वयस्कों में होने वाले मुंहासे टीनएज में होने वाले मुंहासों से काफी अलग होते हैं। वयस्कों में मुंहासे विशेष तौर पर हार्मोनल असंतुलन, गंभीर तनाव, त्वचा की अच्छे से देखभाल न करना और गलत स्किनकेयर उत्पादों का इस्तेमाल करने के कारण होती है। जो ज्यादातर जबड़े और ठोड़ी के निचे के हिस्से में गहरे, दर्दनाक सिस्टिक के रूप में नजर आते हैं। व्ही टीनएज में मुंहासे यौवन के दौरान होने वाली एंड्रोजन हार्मोन में बढ़ोतरी के कारण त्वचा में काफी ज्यादा तेल के उत्पादन के कारण होती है, जो ज्यादातर माथा, नाक और ठोड़ी पर नजर आते हैं। चेहरे की त्वचा पर होने वाली समस्या पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, नजरअंदाज करने से समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है, इसलिए समस्या महसूस होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
वयस्कों में होने वाले मुंहासे टीनएज में होने वाले मुंहासों से अलग क्यों होते हैं?
दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि हाँ वयस्कों में होने वाले मुंहासे टीनएज में होने वाले मुंहासों से काफी ज्यादा अलग होते हैं, क्योंकि इन के होने के कारण अलग अलग होते हैं, चेहरे के अलग-अलग हिस्सों में नजर आते हैं और चेहरे की त्वचा को काफी अलग तरीके से प्रभावित करते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि टीनएज में मुंहासे ज्यादातर यौवन के कारण होते हैं, जिसमें एक व्यक्ति का शरीर एंड्रोजन जैसे हार्मोन का उत्पादन हद से ज्यादा करने लग जाता है और इसके कारण ही त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन काफी ज्यादा बढ़ जाता है। दरअसल यही बड़ा हुआ ऑयल डेड स्किन सेल्स के साथ मिलकर त्वचा के पोर्स को बंद कर देता है, जिसके कारण त्वचा पर काफी मात्रा में मुँहासे यानी कि पीपल्स हो जाते हैं, जो काफी ज्यादा दर्द और खुजली करने लग जाते हैं।
आखिर कैसे नजर आते हैं वयस्क और टीनएज के एक्ने?
डॉक्टर के अनुसार, टीनएज के एक्ने ज्यादातर माथे, नाक और गालों के ऊपरी हिस्से पर दिखाई देते हैं, जिसको टी-जोन के नाम से जाना जाता है। यह अक्सर आपको ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स और छोटे लाल पिंपल्स के रूप में नजर आ सकते हैं। वहीं, बड़ों के एक्ने चेहरे के निचले हिस्से पर नजर आ सकते हैं, जिसमें जॉ-लाइन, ठुड्डी और गर्दन शामिल हो सकते हैं। दरअसल, यह छोटे ऊपरी एक्नों की बजाए काफी दर्द देने वाले काफी गहरे और सिस्ट की तरह होते हैं। टीनएजर्स के मुंहासों के मुकाबले बड़ों के एक्ने का इलाज करना काफी कठिन हो सकता है।
निष्कर्ष: दरअसल, आज लोगों में मुंहासों की समस्या बहुत आम बन चुकी है। इस समस्या की चपेट में न केवल बड़े लोग बल्कि छोटे लोग भी बच्चे भी इस समस्या का शिकार हो जाते हैं। इस समस्या पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि अगर ध्यान न दिया गया तो समस्या और भी ज्यादा गंभीर हो सकती और चेहरे की त्वचा को और भी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। जो न केवल पर्सनालिटी को बल्कि एक व्यक्ति के आत्मविश्वास को भी कम कर सकता है। यह बात बिल्कुल सच है, कि वयस्कों में होने वाले मुंहासे टीनएज में होने वाले मुंहासों से बहुत अलग होते हैं। इसके पीछे का कारण हार्मोनल बदलाव, डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़े कई कारण शामिल हो सकते हैं। दरअसल, बड़े लोगों में इस समस्या के निशान और काले निशान काफी आम हो सकते हैं। इसके पीछे का कारण यही होता है, कि वयस्कों की त्वचा टीनएज की त्वचा के मुकाबले काफी धीरे धीरे ठीक होती है। इन्हीं कारणों की वजह से बड़ों के मुहांसों को अक्सर टीनएज के मुंहासों के मुकाबले काफी हल्के माना जाता है और इसलिए इन को ज्यादा टार्गेटेड ट्रीटमेंट की जरूरत होती है, जिसमें न केवल त्वचा का ऑयल कंट्रोल किया जाता है, बल्कि हार्मोन को बैलेंस करके और सूजन को भी कम किया जाता है। ऐसे में, मुहांसों को ठीक करने के लिए आप डॉक्टर की सलाह पर कुछ घरेलू उपायों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें एलोवेरा, शहद, हल्दी और बर्फ से सिकाई करना शामिल हो सकता है। इसके इलावा, समस्या ज्यादा बढ़ने पर आप अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही ए एस जी हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इस के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. कील और मुंहासों की समस्या के लिए क्या सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है?
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कील और मुंहासों की समस्या के लिए बेंज़ोयल पेरोक्साइड या फिर सैलिसिलिक एसिड युक्त क्रीम और फेस वॉश का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। दरअसल, यह उपाय न केवल बैक्टीरिया को मारने का काम करते हैं, बल्कि यह त्वचा के तेल को भी कम करने का काम करते हैं। इसके अलावा भी आप इस समस्या को दूर करने के लिए टी ट्री ऑयल, एलोवेरा और रोजाना अपने मुँह को अच्छे तरीके से धोना जैसे घरेलू उपायों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्रश्न 2. क्या छोटे बच्चे भी कील और मुंहासों जैसी समस्या की चपेट में आ सकते हैं?
जी हाँ, बिल्कुल छोटे बच्चे भी कील और मुंहासों जैसी समस्या की चपेट में आ सकते हैं। पर, इन की गंभीरता बच्चे की स्थिति के अनुसार अलग अलग भी हो सकती है।
प्रश्न 3. क्या बढ़ते प्रदूषण के कारण भी चेहरे पर मुँहासे हो सकते हैं?
दरअसल हां, यह बात बिल्कुल सच है, कि बढ़ता प्रदूषण न केवल चेहरे की त्वचा को हानि पहुंचा सकता है, बल्कि यह शरीर के बाकी के अंगों को भी काफी ज्यादा नुक्सान पहुंचा सकता है। इसके कारण चेहरे पर मुंहासे हो सकते हैं, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, बल्कि यह मौजूदा समस्याओं को और भी ज्यादा बदतर बना सकता है।